Family—My Thoughts

©Chitrangadasharan

Family is like Music,

Some high notes,

Some low notes,

But always, a beautiful song.

Love binds together,

Understanding keeps it going,

Mutual respect and care,

Makes it work, each time.

Communication is the key,

Talking to each other,

Rather than, holding on the grudges,

Makes it easier to find solutions.

Family is precious,

It will always support you,

Through thick and thin,

Cherish it, love it, enjoy it.

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भाई-बहन— कुछ यादें, कुछ विचार

Rishtey/ Relationships, Picture by ©Chitrangadasharan

कितनी अजीब बात है ना, कि जब भाई-बहन अपने माता-पिता के घर बड़े हो रहे होते हैं, तो एक दूसरे के बिना रह भी नहीं पाते हैं ।

साथ- साथ खेलना, पढ़ना, घुमना- फिरना, खाना, सोना, शैतानियाँ भी करना, एक दूसरे को डाँट और बड़ों की सज़ा से भी बचाना।

फिर समय बीतता जाता है, भाई-बहन बड़े हो जाते हैं, उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर भी जाना होता है, या फिर ज़ॉब के लिए।

कभी हर समय साथ साथ रहने वाले भाई-बहन धीरे-धीरे दूर होते चले जाते हैं ।

फिर सब की शादी होने के बाद नए-नए रिश्ते बनते हैं।

रिश्ते निभाना भी एक कला है । सहनशीलता, धैर्य, परस्पर सम्मान, और भी कई बातें ज़रूरी होती हैं।

कभी इन सब बातों की परवाह किए बिना जो भाई-बहन का रिश्ता बड़े मज़े में निभता था, उसमें भी इन बातों का ख़्याल रखना ज़रूरी होता है ।

इतना कुछ मुश्किल भी नहीं है । समय के साथ विवेक भी तो बढ़ता है ।

लेकिन फिर से वही बात दोहराना चाहती हूँ— रिश्तों को सम्भालने की कला आनी चाहिए ।

क्योंकि उसी में परम सुख और शांति है। फिर चाहे वो कोई भी रिश्ता हो।

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