पारिजात—हिन्दी कविता

Parijat Flower from my garden
Picture by ©Chitrangada

कहते हैं कि, पारिजात समुद्र मंथन में उत्पन्न हुआ था,

कहते हैं कि, पारिजात तो स्वर्ग से पृथ्वी पर आया था,

इसकी दैवीय सुन्दरता को देखकर तो ऐसा ही लगता है,

भाग्यशाली हूँ मैं, कि ये मेरे बगीचे में मुस्कुरा रहा है।

©चित्रांगदा ©Chitrangada

Parijat Flower from my garden
Picture by ©Chitrangada Sharan