Site icon Chitrangada Writes

सिलसिला आने-जाने का— हिंदी कविता

हिन्दी दिवस की शुभकामनाएँ, Image Source: Google Image

आज हिन्दी दिवस के सुअवसर पर कुछ अपनी मातृभाषा में लिखने की इच्छा है। आशा है पाठकों को पसंद आएगी 🙏🙏🌹🌹

मौसम आते हैं, मौसम जाते हैं,

दिन यूँ ही कटते चले जाते हैं,

सुबह होती है, तो शाम का इंतज़ार होता है,

रातें आती हैं, तो सुबह का इंतज़ार होता है,

एक त्योहार बीतता है, तो अगले का इंतज़ार होता है,

लोग आते हैं, लोग चले जाते हैं,

बस, एक हम हैं, जो वहीं के वहीं,

खड़े, देखते रह जाते हैं,

आने-जाने का ये निरन्तर सिलसिला,

जीवन-चक्र का एहसास दिला जाता है ।

©Chitrangadasharan

Exit mobile version